घर में कैसे पानी को हम बचा सकते हैं ?

नमस्कार दोस्तों और कैसे हैं आप सब ।स्वागत है आपका हमारी वेबसाइट में। आपने हमारी पिछली पोस्ट को बेहद प्यार दिया। उसके लिए हम आप का धन्यवाद करते हैं ।दोस्तों आज से हम इस वेबसाइट में कुछ नया शुरू करने जा रहे हैं ।आशा करते हैं कि आप इसको भी उतना ही प्यार करेंगे और सपोर्ट करेंगे ।

इस कड़ी का नाम है “पर्यावरण को बचाएं”

हम इस कैटेगरी में इस श्रेणी में हर दिन कुछ ना कुछ नया ऐड करते रहेंगे जोड़ते रहेंगे। जिससे कि हम अपने पर्यावरण को भी बचा सकें। तो आइए शुरू कर करते हैं

आज हम बात करेंगे कि हम अपने घर में पानी को कैसे बचा सकते हैं

दोस्तों पानी बहुत ही अनमोल है।इसलिए नहीं कि हमें पानी पीने के लिए जरूरी है।  पानी से हम बहुत से कार्य करते हैं इससे और भी कई बातें जुड़ी हुई जानवरों के लिए पानी जरूरी है बहुत सी चीजों के लिए पानी जरूरी है बहुत से अविष्कार पानी के बिना नहीं हो सकते।

तो आइए देखते हैं कि हम कैसे सिर्फ तीन सरल तरीकों को अपनाकर अपने घर में पानी को बचा सकते हैं

पहला तरीका 

यह है कि कपड़े धोते हुए जब अपना नल खुला छोड़ते हैं तो हमें अंदाजा नहीं है कि कितना पानी हम बेकार करते हैं।कहते हैं कि बूंद बूंद से सागर भरता है। सच भी है ।ना जाने क्यों आम जिंदगी में हम बड़ी-बड़ी बातों का ज्यादा  उपयोग करते हैं ।पर छोटी-छोटी बातों को भूल जाते हैं ।कृपया ध्यान रखें हमेशा कपड़े धोते हुए  फालतू में पानी का दुरुपयोग ना करें।

दूसरा तरीका है कि

जब भी आप नहाते हो तो हम ज्यादातर शावर का इस्तेमाल करते हैं। हम समझ सकते हैं कि इसके कई डॉक्टरी फायदे हैं। पर ऐसा कतई जरूरी नहीं है कि हम अपने फायदे के लिए किसी और का नुकसान करें ।

ठीक है कि अगर 7 दिन में से अगर आप 5 दिन शावर से नहाना चाहते हो। ये अच्छी बात है पर आप क्या चाहते हो कि सिर्फ आप ही शावर को इस्तेमाल कर सकें या फिर आप चाहते हो क्या आने वाली पीढ़ी भी इन चीजों का फायदा उठा सकें ।उनके पास पानी ही नहीं बचेगा तो कहां से इन चीजों का फायदा उठा सकेंगे ।तो कृपया सा त में से 1 दिन या 2 दिन सरल तरीके से नहाए ।बाल्टी का उपयोग करें। का उपयोग करें ताकि पानी  का दुरुपयोग ना  हो।

 तीसरा तरीका है कि

जब आप सुबह उठकर ब्रश करते हो तो वहां पर भी आपने ध्यान रखना है ,  पानी पानी का दुरुपयोग ना हो। मुंह धोते हुए वास वेशन नल को खुला छोड़ देते हैं । हमें अच्छा लगता है  हरकतें करना मैं समझ सकता हूं ।हर कोई करता है। हम भी करते हैं पर इसका मतलब यह नहीं है कि आप इसको हर रोज़ करें।पानी को बचाना जरूरी है।

आज के लिए इतना ही दोस्तों फिर मिलेंगे एक एक नई सोच के साथ एक नई एक नई तरीके से के साथ कि हम कोशिश करेंगे कैसे पर्यावरण को बचा सकते हैं अभी के लिए इतना ही

धन्यवाद

 

Your views are Welcome