उनकी अदालत

अजीब है हैरानी है हमें
इन्साफ भी बाखूभ है उनका
अदालत भी उनकी
गवाही भी उनकी
वकालत में उनसे ना मुकाबला रहा
कोई
शिकवा नहीं अगर मैं मुजरिम ही रहा

a small story of a girl

सुनेगा कौन सुन ने वाले ही बिक चुके हैँ
गवाही भरेगा कौन अच्छे अच्छे पानी भर चुके हैँ
सहूलियत है उनको
आराम है उनको
इस मुजरिम की बदनामी का काम है उनको
लाल से दिल की वाह काली स्याही
अब गिला भी क्या
गर मैं मुजरिम ही रहा

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